
9 PM News Live / लखनऊ…
फर्जी मार्कशीट व सर्टिफिकेट बनाने वाले पुराने व शातिर गिरोह का कमिश्नरेट पुलिस ने किया पर्दाफाश…
लखनऊ । प्रदेश की राजधानी की कमिश्नरेट पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों को बनाने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने में सफलता पाई है।
आपको बताते चलें कि लखनऊ कमिश्नरेट के अमीनाबाद पुलिस को अपने ही थाना क्षेत्र अंतर्गत फर्जी तरीके से मार्कशीट और सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह के बारे में मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति सफेद रंग की स्कॉर्पियो जिसका नंबर UP-77 H0009 से फर्जी दस्तावेजों के साथ निकलने वाले हैं, इसी दौरान अमीनाबाद पुलिस शिवाजी मार्ग पर संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं का चेकिंग अभियान चला रही थी, तभी उक्त सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी को रोककर जांच पड़ताल शुरू की। जिसमें मुख्य अभियुक्त मनीष प्रताप सिंह उर्फ मांगे राम जो कि साईं भवन हीवेट रोड लखनऊ का रहने वाला है जिसकी उम्र 55 वर्ष है को संदिग्ध दस्तावेजों और उसके तीन और साथियों के साथ गिरफ्तार किया है।

मुख्य आरोपी के साथ 3 और अभियुक्तों को गिरफ्तार कर की गई सघन पूछताछ…
अन्य गिरफ्तार अभियुक्तों में कृष्णा ठाकुर उम्र 32 वर्ष, गौतम बुध नगर का है जो वर्तमान में लखनऊ के बालागंज में रहता है, तीसरा आरोपी राजकुमार उम्र 20 वर्ष जिला कासगंज का है, चौथा सत्येंद्र जिला गौतम बुध नगर का रहने वाला है। सभी को अमीनाबाद थाने ले जाकर सघन पूछताछ की गई तो उक्त आरोपियों ने फर्जी मार्कशीट व सैटिफिकेट बनाने की बात कबूल की है। पुलिस ने तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 12,620/- रुपए नगद, एक 315 बोर का देसी तमंचा व 2 जिंदा कारतूस, 232 फर्जी अंक प्रमाण पत्र, 155 माइग्रेशन यानी स्थानांतरण प्रमाण पत्र, 10 बंडल होलोग्राम, 4 मोहर, 2 सीपीयू केबल के साथ, 3 मॉनिटर, 2 माउस, 2 यूपीएस, 1 लैमिनेटर, 1 रंगीन प्रिंटर, 2 कीबोर्ड, 1 पेपर कटर मशीन, 3 मंडल सादा पेपर अंकपत्र छापने वाला और 4 शीशी रंगीन स्याही प्रिंटर वाली व 4 आधार कार्ड बरामद किए हैं। पूछताछ में गिरोह के मुखिया मनीष सिंह ने बताया कि फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट बनाने का काम उसने लगभग पिछले 15-20 वर्ष पहले शुरू किया था और अब तक करता चला आ रहा है। पूछताछ के दौरान पता चला कि उक्त अभियुक्त लगभग 3 बार दिल्ली के विभिन्न स्थानों से व प्रयागराज जिले के थाना धूमनगंज से एक बार, थाना चिनहट और अमीनाबाद लखनऊ से और दिल्ली के पहाड़गंज थाने से एक बार जेल जा चुका है। इस संबंध में जब ज्यादा जानकारी की गई तो अभियुक्त मनीष व उसके साथियों के विरुद्ध थाना पहाड़गंज जनपद सेंट्रल दिल्ली में कई धाराओं में मुकदमे पंजीकृत पाए गए हैं। अभी भी अन्य जनपद के थानों से जानकारी की जा रही है कि क्या गिरफ्तार इन अभियुक्तों पर और भी मुकदमे दर्ज हैं या नहीं। उक्त चारों अभियुक्तों के खिलाफ लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस द्वारा विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया है।









